भेड़िहारी — एक निडर किशोर की कहानी
भारत के बिहार, बेतिया जिले के नौतन प्रखंड के “भेड़िहारी” गांव से उठती यह कहानी साहस, आत्मविश्वास और न्याय के लिए जंग की है।
भारत वर्ष के उत्तरपूर्वी प्रान्त बिहार के उत्तर में अवस्थित बेतिया जिले (पश्चिमी चम्पारण) के नौतन प्रखंड में “भेड़िहारी” गांव के एक साधारण परिवार की कहानी है!
एक बार भयानक महामारी की चपेट में आने से गांव के लोग भेड़िहारी से पलायन कर गए थे। इसी क्रम में हमारे पूज्य बाबा (दादा जी) श्री ब्रह्मदेव लाल अपनी किशोर अवस्था (लगभग 14 – 15 साल) में अपने ननिहाल आ गए थे। उनकी किशोरावस्था की उम्र सहपाठियों के साथ बड़े मजे से खेलने-कूदने में बीत रही थी।